भास्कर न्यूज
06 May 2007
बीजापुर
पहले कथित फर्जी मुठभेड़ में
पांच आदिवासियों की मौत होने की
जांच शुरू हो गई
है। एडीशनल एसपी अंकित कुमार
गर्ग ने रविवार को घटना में
मारे गए पोंजेर गांव
के चार लोगों के परिजनों के
बयान लिए। पता चला है कि मृतकों
की मृत्यु के सही
कारणों का पता लगाने दफनाई गई
लाशों को निकालकर पोस्टमार्टम
कराया जाएगा। जांच
दो दिन में पूरी हो जाएगी।
बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर
स्थित जिले के ग्राम पोंजेर में
रहने वाले मड़ियम फागू,
मड़ियम लखमा, कुड़ियम मूसा, मड़कम
सन्नू, पोड़िया और माडवी मंगू को
गत 31 मार्च को
कथित रूप से पुलिस गांव से उठा
ले गई थी। बाद में पोड़िया को
छोड़कर बाकी पांच
लोगों की लाशें मिलीं। पोड़िया
का अब तक पता नहीं चला है।
भास्कर द्वारा मामले
के खुलासे के बाद शनिवार को
पुलिस महानिदेशक ओपी राठौर ने
जांच के आदेश दिए थे।
एडीएसपी श्री गर्ग ने आज
बीजापुर के नयापारा शिविर में
रहने वाले मृतकों के
परिजनों को बुलवाया। थाना
परिसर में अलग-अलग सभी लोगों से
पूछताछ की गई। भाषा
की समस्या को देखते हुए बयान के
दौरान गोंडी जानने वाले गांव के
एक व्यक्ति को
दुभाषिया बनाया गया। श्री गर्ग
ने ग्रामीणों को निडर होकर
सच्चाई बताने की सलाह
दी। सोमवार को वे संतोषपुर जाकर
प्रभावितों से बातचीत करेंगे।
पोंजेर संतोषपुर
ग्राम पंचायत का ही आश्रित गांव
है। घटना के बाद से गांव के
स्कूलपारा के सभी
22 घर खाली पड़े हैं, आज दोपहर को भी
गांव में सन्नाटा था।
जांच अधिकारी श्री गर्ग के
मुताबिक 31 मार्च को कुछ लोगों की
मौत हुई, यह साफ
हो गया है। मृतकों की संख्या के
बारे में स्थिति जांच के बाद
साफ होगी।
उन्होंने कहा कि दीगर घटनाओं
में मारे गए लोगों को भी इसमें
शामिल किया जा रहा
है। बयान में परिजनों ने मृतकों
के शरीर पर बंदूक की गोली और
धारदार हथियारों
के निशान देखने की पुष्टि की
है। जांच अधिकारी को शाम तक चली
पूछताछ में एक भी
ऐसा व्यक्ति नहीं मिला है,
जिसके सामने इन पांचों की हत्या
की गई।
इधर कथित रूप से पुलिस द्वारा
की गई हत्या की जांच का काम
पुलिस अफसर को दिए
जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी
तरह बयान के लिए पीड़ित लोगों को
थाने में
बुलाए जाने के फैसले पर भी लोग
हैरान हैं। पुलिस के डर से जंगल
में भाग जाने
वाले आदिवासी थाने में अनजान
बंदूकधारी जवानों के बीच
सच्चाई बता पाएंगे, इस पर
जानकारों को शक है।
हत्याकांड में बच गए पोड़िया की
पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही
है। हालांकि घटना
के बाद से इस व्यक्ति का अब तक
पता नहीं है। उसकी लाश भी नहीं
मिली है। आशंका
यह भी है कि कहीं पोड़िया की भी
हत्या न हो गई हो।
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