Friday, May 25, 2007

पुलिस के जवानों ने की आदिवासियों की हत्या!

पोंजेर हादसे का जायजा लेकर वापस लौटी कांग्रेस की टीम
जांच रिपोर्ट सोनिया को सौपेंगे

रायपुर । नवगठित बीजापुर जिले के पोंजेर क्षेत्र में वर्दीधारी लोगों ने 6 आदिवासियों की हत्या की है। प्रत्यक्षदर्शी व पुलिस अफसरों के बयान से यह सही प्रतीत हो रहा है कि पोंजेर के संतोषपुर गांव में पुलिस के जवानों ने ही आदिवासियों की नृशंस हत्या फर्जी मुठभेड़ के नाम पर की है। इसकी जांच रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपकर इस मामले की जांच राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से कराने की अनुशंसा जांच टीम करेगी। पोंजेर में हुए कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच के लिए कांग्रेस हाईकमान द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच टीम में शामिल श्रीमती जमुनादेवी सिंह, सुशीला तिरीया, मोरिस कूजूर, मधुसुदन मिस्त्री एवं मूलचंद मीणा ने पोंजेर के संतोषपुर का दौरा कर लौटने के बाद राजधानी के सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस जांच टीम ने बताया कि उन्होंने संतोषपुर व पोंजेर के लोगों से उन्होंने प्रत्यक्ष मुलाकात की जिसमें पता चला कि 31 मार्च 2007 को कुछ लोग महुआ बीन रहे थे कि वर्दी में सशस्त्र जवान आए और उनसे संतोषपुर का पता पूछने लगे बाद में उन्हें अपने साथ ही ले गए और कुछ दूरी पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी इसके बाद वे गायब हो गए। इन जवानों के पीछे गए कुछ लोगों को 6 आदिवासियों की लाश अलग-अलग स्थानों पर पड़ी हुई मिली थी। जांच दल के लोगों ने मौके पर जाकर पूछताछ की तो फर्जी मुठभेड़ की बात सही निकली है? वहां के पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा करने पर किसी ने यह नहीं कहा कि इन आदिवासियों को नक्सलियों ने मारा है।

पुलिस अफसरों व पोंजेर के ग्रामीणों से चर्चा के बाद जांच टीम ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस मामले में पुलिस की पूरी तरह संलिप्तता है उन्होंने ही निर्दोष आदिवासियों को मुठभेड़ के नाम पर मार डाला। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस बड़े कांड के बाद भी सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है, जांच की बात तो दूर अभी तक पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है। प्रदेश में आदिवासी सुरक्षित नहीं है जहां की पुलिस ही आदिवासियों की हत्या कर रही है ऐसे में भाजपा सरकार किस मुंह से नैतिकता की बात करती है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में गरीब आदिवासी का जीवन सुरक्षित नहीं है। यह रिपोर्ट उनकी जांच टीम दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपेगी और इस मामले की जांच राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से कराने की सिफारिश करेगी। जांच टीम के सदस्यों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि यहां आदिवासियों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। इतनी बड़ी घटना के बाद भी राज्य सरकार का एक भी मंत्री वहां दौरा करने नहीं गया और न ही किसी अधिकारियों को भेजा। एक प्रश् के जवाब में मूलचंद मीणा ने कहा कि एर्राबोर घटना की जांच रिपोर्ट उन्होंने केंद्र सरकार को सौंप दी थी जिस पर यथासंभव कार्रवाई की गई थी। उन्होंने पोंजेर में अपनी टीम का किसी भी के द्वारा विरोध करने की खबरों का खंडन किया है।

कांग्रेस को नक्सलियों की करतूत देखनी चाहिए : नेताम
गृहमंत्री रामविचार नेताम ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस को नक्सलियों द्वारा निरीह आदिवासियों की हत्या किया जाना दिखाई नहीं देता क्या? इस मामले में जांच दल ने उपरी तौर पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। उन्हें नक्सलियों की करतूत देखनी चाहिए।
जबकि राज्य सरकार व आदिवासियों की हितों पर सबसे अधिक ध्यान देते हुए राहत शिविरों के माध्यम से उनकी सुरक्षा की है। कांग्रेस को नक्सलियों की करतूत देखनी चाहिए।
(Source: Deshbandhu May 26)

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